ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध में गौचर के मेडिकल स्टोर बंद
गोविन्द सिंह बिष्ट गौचर, 20 मई 2026। ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध को लेकर बुधवार को गौचर नगर क्षेत्र के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे। मेडिकल व्यापारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री, कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट और नकली दवाइयों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण चारधाम यात्रा पर आए यात्रियों, स्थानीय नागरिकों और दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को दवाइयां खरीदने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए ताकि नकली दवाइयों की बिक्री रोकी जा सके और स्थानीय व्यापारियों को राहत मिल सके।
मुख्य विन्दु-
- ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध में बंद रहे मेडिकल स्टोर
- चारधाम यात्रियों को हुई परेशानी
- नकली दवाइयों को लेकर जताई चिंता
- व्यापारियों ने सरकार से क्या मांग की
- ऑनलाइन व्यापार से बढ़ी बेरोजगारी
- स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा असर
- क्या बोले डॉक्टर और व्यापारी नेता
- निष्कर्ष
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध में बंद रहे मेडिकल स्टोर
गौचर नगर क्षेत्र में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध के तहत सभी मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे।
मेडिकल व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवाइयों की भारी छूट और अनियंत्रित बिक्री से स्थानीय मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
व्यापारियों ने कहा कि इससे न केवल छोटे दुकानदारों को नुकसान हो रहा है बल्कि नकली और घटिया दवाइयों का खतरा भी बढ़ रहा है।
चारधाम यात्रियों को हुई परेशानी
मेडिकल स्टोर बंद रहने के कारण चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई यात्रियों को जरूरी दवाइयां नहीं मिल सकीं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों को भी घंटों इंतजार करना पड़ा।
चारधाम यात्रा सीजन के दौरान मेडिकल सेवाओं का प्रभावित होना स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
नकली दवाइयों को लेकर जताई चिंता
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध के दौरान डॉ. दिनेश जोशी ने कहा कि सरकार को ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई लोग सस्ती दवाइयों के लालच में ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हैं, लेकिन कई मामलों में नकली दवाइयां मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
डॉ. जोशी के अनुसार नकली दवाइयां लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं।
व्यापारियों ने सरकार से क्या मांग की
व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल और जिला महामंत्री व्यापार मंडल चमोली सुनील पंवार ने कहा कि ऑनलाइन व्यापार के कारण छोटे व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि ऑनलाइन दवा बिक्री और अन्य ऑनलाइन सामान की अनियंत्रित बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त नीति बनाई जाए।
व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो हजारों छोटे व्यापारी बेरोजगार हो सकते हैं।
ऑनलाइन व्यापार से बढ़ी बेरोजगारी
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन मार्केट के विस्तार के कारण स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है।
उन्होंने बताया कि कई दुकानदार अब दुकान का किराया तक नहीं निकाल पा रहे हैं, जिसके चलते कई दुकानें बंद हो चुकी हैं।
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध के माध्यम से व्यापारियों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया।
स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा असर
गौचर सहित पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट देने से स्थानीय बाजारों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो रही है।
व्यापारियों के अनुसार छोटे शहरों और कस्बों की अर्थव्यवस्था स्थानीय व्यापार पर आधारित होती है, लेकिन ऑनलाइन कंपनियों के बढ़ते प्रभाव से यह व्यवस्था कमजोर हो रही है।
क्या बोले डॉक्टर और व्यापारी नेता
डॉ. दिनेश जोशी ने कहा कि दवा जैसी संवेदनशील वस्तु की बिक्री में गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहद जरूरी है।
व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने कहा कि सरकार को छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
इस अवसर पर दिनेश बिष्ट, धनंजय सेमवाल, दीपा पाठक, मयंक खत्री, मगनानंद मिश्रा, अंजली नेगी, सावित्री संजीवनी सहित कई लोग मौजूद रहे।
निष्कर्ष
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध के जरिए गौचर के मेडिकल व्यापारियों ने ऑनलाइन कारोबार और नकली दवाइयों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।
व्यापारियों का कहना है कि स्थानीय बाजारों और छोटे व्यवसायों को बचाने के लिए सरकार को जल्द प्रभावी कदम उठाने होंगे।
चारधाम यात्रा सीजन में मेडिकल स्टोर बंद रहने से हुई परेशानी ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।
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