मानसून तैयारियां चमोली: 10 बड़े फैसले, पुलों के सुरक्षा ऑडिट से लेकर नालों की सफाई तक
चमोली, 06 जून 2026 | बुरांश टाइम्स न्यूज
मानसून तैयारियां चमोली को लेकर प्रशासन अलर्ट, आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस
मानसून तैयारियां चमोली को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आगामी बरसात के मौसम में संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और जनहानि को न्यूनतम रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मानसून अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा या आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारियों को तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
मानसून तैयारियां चमोली: ये हैं 10 बड़े निर्देश
1. सभी पुलों का होगा सुरक्षा ऑडिट
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी वैली पुलों का मानसून पूर्व आकलन और सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जोखिम वाले स्थलों की समय रहते पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जाएं ताकि बरसात के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
2. जेसीबी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित
सड़क निर्माण और अनुरक्षण से जुड़े विभागों को निर्देश दिए गए कि आवश्यकता के अनुसार जेसीबी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और ऑपरेटरों की स्थानवार सूची तैयार रखने को कहा गया।
3. नदियों और गदेरों की होगी ड्रेजिंग
सिंचाई विभाग को मुख्य नदियों के साथ-साथ छोटी नदियों और गदेरों में सिल्टेशन प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर ड्रेजिंग एवं चैनलाइजेशन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
4. नालों की सफाई और झाड़ियों का कटान
बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से बचने के लिए सभी सड़क एजेंसियों और नगर निकायों को नालों की नियमित सफाई तथा झाड़ियों के कटान के निर्देश दिए गए हैं।
5. क्षतिग्रस्त सड़कों का सुधारीकरण
जिलाधिकारी ने कहा कि खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। साथ ही मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में मशीनरी उपलब्ध रखने और वैकल्पिक मार्गों को तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए।
6. स्ट्रीट लाइट और रैन बसेरों पर ध्यान
सभी अधिशासी अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटों को क्रियाशील रखने, नालियों की सफाई करने और रैन बसेरों की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
7. संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान
संभावित खतरे वाले क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर जल प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाली संरचनाओं और अन्य अवरोधों को नियमानुसार हटाने के निर्देश भी दिए गए।
8. अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त भंडारण
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों तथा आपातकालीन सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
9. गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, गंभीर रोगियों, दिव्यांगजनों और अन्य संवेदनशील व्यक्तियों की सूची तैयार कर उनके लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी एम्बुलेंसों का फिटनेस परीक्षण कराने को कहा गया।
10. खाद्यान्न और राहत सामग्री का अग्रिम भंडारण
दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में सितंबर तक तीन माह का खाद्यान्न भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आपदा राहत किट से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा गया।
बिजली, पानी और पशुधन सुरक्षा पर भी जोर
बैठक में पेयजल विभाग को क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की मरम्मत करने तथा विद्युत विभाग को ढीले तारों और क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निराश्रित पशुओं और पशुधन की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने को कहा गया।
प्रशासन का लक्ष्य: जनहानि शून्य, तैयारी शत-प्रतिशत
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी विभागों को पूरी गंभीरता के साथ कार्य करते हुए समय से तैयारियां पूरी करनी होंगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्द किशोर जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
मानसून तैयारियां चमोली को लेकर जिला प्रशासन की सक्रियता यह दर्शाती है कि इस बार बरसात के मौसम में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। पुलों के सुरक्षा ऑडिट, नालों की सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और राहत सामग्री के अग्रिम भंडारण जैसे कदम आपदा जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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