गोपेश्वर संस्थागत प्रसव जागरूकता अभियान: गर्भवतियों को योजनाओं की जानकारी
गोपेश्वर संस्थागत प्रसव जागरूकता अभियान के तहत जनपद चमोली में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष पहल की जा रही है।
देवाल ब्लॉक के ग्राम खेता में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए जागरूक किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
गांव में चलाया गया जागरूकता अभियान
ग्राम खेता में यह अभियान ग्राम प्रधान श्रीमती कलावती देवी और सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रकाश राम के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस दौरान, स्वास्थ्य टीम ने गांव का भ्रमण किया।
साथ ही, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया गया।
उन्हें समझाया गया कि अस्पताल में प्रसव कराने से
- मां और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित होती है
- आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सुविधा मिलती है
योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं को कई सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, जैसे:
- इजा बोई शगुन योजना
- जननी सुरक्षा योजना
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
- डोली पालकी योजना
- हेली एंबुलेंस योजना
इसके अलावा, लाभार्थियों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
हेली एंबुलेंस और डोली पालकी योजना का महत्व
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि
- हेली एंबुलेंस योजना दूरस्थ क्षेत्रों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है
- डोली पालकी योजना दुर्गम गांवों में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करती है
इससे, समय पर उपचार संभव हो पाता है।
क्यों जरूरी है संस्थागत प्रसव?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- घर पर प्रसव में जोखिम अधिक होता है
- अस्पताल में प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स उपलब्ध रहते हैं
- नवजात शिशु को तुरंत देखभाल मिलती है
इसलिए, संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देना जरूरी है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे:
- जिला सूचना शिक्षा एवं संचार कोर्डिनेटर उदय सिंह रावत
- ब्लॉक कार्यक्रम मैनेजर ललित जुयाल
- बीसीएम आशा कार्यक्रम श्रीमती सीता देवी
- आशा कार्यकर्ता मोहिनी देवी, मनमती और मानूली देवी
सभी ने मिलकर अभियान को सफल बनाया।
निष्कर्ष
गोपेश्वर संस्थागत प्रसव जागरूकता अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यदि ऐसे अभियान लगातार चलते रहे, तो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निश्चित रूप से कमी आएगी।
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👉 Health Schemes Info: https://nhm.gov.in

