गोपेश्वर-कर्णप्रयाग जल निकासी व्यवस्था पर सख्त निर्देश
गोपेश्वर-कर्णप्रयाग जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बड़ी पहल की है।
जनपद मुख्यालय गोपेश्वर और कर्णप्रयाग में जलभराव की समस्या को देखते हुए समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर चर्चा
बैठक में शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई।
साथ ही, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी फोकस किया गया।
इसके अलावा, अधिकारियों ने वर्तमान स्थिति और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की।
वहीं, कई संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया गया।
स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज प्लान पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि
- स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज प्लान तैयार किया जाए
- योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए
साथ ही, जलभराव वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देने को कहा गया।
इसके बाद, वहां तेजी से कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।
नालियों की सफाई और मरम्मत अनिवार्य
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि
- नालियों की नियमित सफाई हो
- खराब नालियों की मरम्मत तुरंत की जाए
इसके अलावा, नगर क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए।
दूषित जल को STP से जोड़ने की योजना
एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि
- नालियों से निकलने वाले गंदे पानी को STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से जोड़ा जाए
इससे, नदियों को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी।
मानसून से पहले तैयारियां तेज
जिलाधिकारी ने कहा कि
- मानसून से पहले सफाई कार्य पूरा हो
- जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे
ताकि, बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में कई अधिकारी शामिल हुए, जिनमें:
- अधिशासी अभियंता प्रशांत श्रीवास्तव
- अधिशासी अभियंता धीरज डिमरी
- एसडीएम आरके पांडे
- एसडीएम सोहन सिंह रांगण
सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष
गोपेश्वर-कर्णप्रयाग जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
यदि निर्देशों का सही तरीके से पालन हुआ, तो इस बार मानसून में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
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