चमोली पशुपालन निरीक्षण: गौशाला में आधुनिक तकनीक पर जोर
चमोली पशुपालन निरीक्षण के तहत 29 मार्च 2026 को गोपेश्वर के कोठियालसैण क्षेत्र में प्रगतिशील पशुपालक की गौशाला का निरीक्षण किया गया। Meanwhile, इस दौरान अधिकारियों ने पशुपालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
रविवार को डॉ. भूपेंद्र सिंह जंगपांगी (अपर निदेशक, पशुपालन विभाग गढ़वाल मंडल) ने पशुपालक मनोज कुमार बिष्ट की गौशाला का निरीक्षण किया।
गौशाला व्यवस्था का लिया जायजा (चमोली पशुपालन निरीक्षण)
निरीक्षण के दौरान पशुओं की देखभाल, स्वच्छता व्यवस्था और दुग्ध उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।
In addition, आधुनिक पशुपालन तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
अपर निदेशक ने पशुपालक द्वारा अपनाई गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
Therefore, उन्होंने इसे अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरणादायक बताया।
डेयरी प्रबंधन पर साझा किए अनुभव
पशुपालक मनोज कुमार बिष्ट ने डेयरी संचालन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने पशुओं के आहार प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन क्षमता और विपणन की जानकारी दी।
Meanwhile, अधिकारियों ने उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
Also, अनुदान, टीकाकरण और तकनीकी सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी आय
अपर निदेशक ने कहा कि वैज्ञानिक और आधुनिक पद्धतियों को अपनाना जरूरी है।
Therefore, इससे पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
अधिकारियों को दिए निर्देश
अपर निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
In addition, उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाई जाए।
तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. आशीष द्विवेदी और पीयूष चौहान भी मौजूद रहे।
🌐 Outbound Link
👉 पशुपालन योजनाओं की जानकारी के लिए देखें: https://dahd.nic.inचमोली पशुपालन निरीक्षण के तहत 29 मार्च 2026 को गोपेश्वर के कोठियालसैण क्षेत्र में प्रगतिशील पशुपालक की गौशाला का निरीक्षण किया गया। Meanwhile, इस दौरान अधिकारियों ने पशुपालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
रविवार को डॉ. भूपेंद्र सिंह जंगपांगी (अपर निदेशक, पशुपालन विभाग गढ़वाल मंडल) ने पशुपालक मनोज कुमार बिष्ट की गौशाला का निरीक्षण किया।
🐄 गौशाला व्यवस्था का लिया जायजा (चमोली पशुपालन निरीक्षण)
निरीक्षण के दौरान पशुओं की देखभाल, स्वच्छता व्यवस्था और दुग्ध उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।
In addition, आधुनिक पशुपालन तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
अपर निदेशक ने पशुपालक द्वारा अपनाई गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
Therefore, उन्होंने इसे अन्य पशुपालकों के लिए प्रेरणादायक बताया।
🥛 डेयरी प्रबंधन पर साझा किए अनुभव
पशुपालक मनोज कुमार बिष्ट ने डेयरी संचालन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने पशुओं के आहार प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन क्षमता और विपणन की जानकारी दी।
Meanwhile, अधिकारियों ने उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
Also, अनुदान, टीकाकरण और तकनीकी सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी आय
अपर निदेशक ने कहा कि वैज्ञानिक और आधुनिक पद्धतियों को अपनाना जरूरी है।
Therefore, इससे पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
अधिकारियों को दिए निर्देश
अपर निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
In addition, उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाई जाए।
तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ. आशीष द्विवेदी और पीयूष चौहान भी मौजूद रहे।
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