चमोली राशन कार्ड सत्यापन: एक माह चलेगा जांच अभियान
चमोली राशन कार्ड सत्यापन अभियान को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर जनपद चमोली में एक माह तक राशन कार्ड, यूनिट, आयुष्मान कार्ड और गैस कनेक्शन का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत अपात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से बाहर किया जाएगा, जबकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के आदेशों के अनुपालन में यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के कई सीमावर्ती जिलों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कुछ परिवार उत्तराखंड के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी राशन कार्ड, गैस कनेक्शन और आयुष्मान योजना जैसी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। इसी को देखते हुए चमोली राशन कार्ड सत्यापन अभियान को दोबारा शुरू किया गया है।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंत्योदय और प्राथमिक परिवार कार्डधारकों के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य खाद्य योजना के लाभार्थियों की भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि कोई परिवार अपात्र पाया जाता है तो उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा।
चमोली राशन कार्ड सत्यापन अभियान के संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह कार्य खंड विकास अधिकारी, सहायक पंचायत विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की निगरानी में किया जाएगा। वहीं शहरी क्षेत्रों में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक और नगर पालिका या नगर पंचायत के अधिकारी जांच करेंगे।
उन्होंने बताया कि चमोली राशन कार्ड सत्यापन के दौरान कार्डधारकों से दस्तावेजों की जांच की जाएगी, ताकि केवल पात्र परिवारों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
जिला पूर्ति अधिकारी ने जनपद के सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि कोई परिवार स्वयं को अपात्र मानता है तो वह स्वेच्छा से ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक कार्यालय या जिला पूर्ति कार्यालय चमोली में अपना राशन कार्ड जमा या समर्पित कर सकता है।
प्रशासन ने साफ किया है कि चमोली राशन कार्ड सत्यापन के दौरान यदि कोई कार्डधारक अपात्र पाया जाता है तो उसके खिलाफ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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