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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर डीएम के सख्त निर्देश

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बुरांश टाइम्स चमोली, 19 मई 2026। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में कूड़ा निस्तारण व्यवस्था, डम्प साइट प्रबंधन, कम्पैक्टर संचालन और स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

मा. सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) रूल्स के तहत सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।


  1. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर समीक्षा बैठक
  2. विशेष प्रकोष्ठ गठित करने के निर्देश
  3. डम्प साइट और कम्पैक्टर संचालन पर जोर
  4. बल्क वेस्ट जनरेटर्स पर होगी कार्रवाई
  5. “डम्पसाइट शून्य” बनाने की योजना
  6. रिड्यूस-रीयूज-रिसायकल केंद्र होंगे स्थापित
  7. वन क्षेत्रों में कूड़ा प्रबंधन पर फोकस
  8. निष्कर्ष

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर समीक्षा बैठक

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बैठक में कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नियमित निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में डम्प साइट प्रबंधन, लीगेसी वेस्ट निस्तारण और कम्पैक्टर मशीनों के संचालन की समीक्षा भी की गई।


विशेष प्रकोष्ठ गठित करने के निर्देश

डीएम ने परियोजना निदेशक को एक विशेष प्रकोष्ठ गठित करने के निर्देश दिए।

यह प्रकोष्ठ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुपालन की नियमित निगरानी करेगा और बल्क वेस्ट जनरेटर्स (BWGs) द्वारा नियमों की अनदेखी करने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जरूरत पड़ने पर बड़े होटलों और संस्थानों के जल एवं विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जाएगी।


डम्प साइट और कम्पैक्टर संचालन पर जोर

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी डम्प साइट्स का पाक्षिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निरीक्षण रिपोर्ट फोटो सहित जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

इसके साथ ही जिला पंचायत को कूड़ा निस्तारण हेतु लगाए गए कम्पैक्टर मशीनों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने और जनपद में स्थापित 09 कम्पैक्टरों को शीघ्र संचालित करने को कहा गया।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत कम्पैक्टर संचालन को स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।


बल्क वेस्ट जनरेटर्स पर होगी कार्रवाई

डीएम ने कहा कि जो संस्थान और बड़े होटल कूड़ा प्रबंधन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बल्क वेस्ट जनरेटर्स की नियमित निगरानी की जाए और नियम उल्लंघन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


“डम्पसाइट शून्य” बनाने की योजना

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों को “डम्पसाइट शून्य” बनाया जाए।

उन्होंने लीगेसी वेस्ट का पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने और शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत जनपद में साफ-सुथरा और पर्यावरण अनुकूल वातावरण तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।


रिड्यूस-रीयूज-रिसायकल केंद्र होंगे स्थापित

जिलाधिकारी ने प्रत्येक वार्ड में सुगम स्थानों पर “रीड्यूस-रीयूज-रिसायकल” केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए।

इन केंद्रों के माध्यम से अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने और कूड़े के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।


वन क्षेत्रों में कूड़ा प्रबंधन पर फोकस

बैठक में वन विभाग के अधिकारियों से वन क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की जानकारी ली गई।

डीएम ने कहा कि जहां भी अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकता हो, वहां शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं ताकि आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।


निष्कर्ष

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

विशेष प्रकोष्ठ गठन, डम्प साइट निगरानी, कम्पैक्टर संचालन और रीसाइक्लिंग केंद्रों की स्थापना से चमोली जिले में स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी, कार्य अधिकारी जिला पंचायत हर्ष गुप्ता, एसडीओ विकास दरमोड़ा, एसडीओ केदारनाथ वन प्रभाग मोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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