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मुख्यमंत्री धामी पहुंचे माणा गांव, 100% लखपति दीदी मॉडल बना सीमांत गांव

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मुख्यमंत्री धामी माणा गांव दौरे के दौरान उत्तराखंड सरकार ने सीमांत क्षेत्रों के विकास और महिला सशक्तिकरण का बड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा पहुंचकर विकास कार्यों का जायजा लिया और गांव को आत्मनिर्भरता का आदर्श मॉडल बताया।

मुख्यमंत्री धामी पहुंचे माणा गांव

चमोली, 22 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री धामी माणा गांव पहुंचे। उन्होंने स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं से मुलाकात की। साथ ही गांव में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत गांवों का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील भी की।

महिलाओं ने पारंपरिक स्वागत किया

मुख्यमंत्री के आगमन पर माणा गांव की महिलाओं ने पारंपरिक मांगलगीत गाकर स्वागत किया। महिलाओं ने स्थानीय उत्पाद भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराएं देश की धरोहर हैं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के योगदान की सराहना की।

माणा बना 100% लखपति दीदी गांव

मुख्यमंत्री धामी माणा गांव दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण गांव की महिलाएं रहीं। यहां कुल 12 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों से 82 महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

विशेष बात यह है कि गांव की सभी 82 महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। इसी वजह से माणा गांव उत्तराखंड का पहला 100 प्रतिशत लखपति दीदी गांव बन गया है।

महिलाएं चला रहीं स्वरोजगार मिशन

माणा गांव की महिलाएं कई तरह के कार्य कर रही हैं:

  • ऊनी वस्त्र निर्माण
  • हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट
  • मसाले और पापड़
  • कालीन और टोकरी निर्माण
  • भोजनालय संचालन
  • डेयरी और पशुपालन
  • होमस्टे व्यवसाय
  • मशरूम उत्पादन
  • खाद्य प्रसंस्करण

इसके अलावा महिलाओं को सरस मॉल और स्टॉल के माध्यम से बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

श्रद्धालुओं से खरीदारी की अपील

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से कहा कि वे माणा गांव के स्थानीय उत्पाद जरूर खरीदें। इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान से सीमांत गांवों को नई ताकत मिलेगी।

वाइब्रेंट विलेज योजना से बदलेगा भविष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत गांवों में सड़क, बिजली, पानी, पर्यटन और रोजगार सुविधाएं तेजी से बढ़ाई जा रही हैं।

माणा गांव सहित अन्य सीमांत क्षेत्रों में हो रहा विकास उत्तराखंड के संतुलित विकास की दिशा में बड़ा कदम है।

चारधाम यात्रा को स्वच्छ बनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल आस्था नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान है। इसलिए इसे स्वच्छ, सुरक्षित और प्लास्टिक मुक्त बनाना जरूरी है।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग मांगा।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री धामी माणा गांव दौरे ने यह साबित किया कि सीमांत गांव भी आत्मनिर्भर भारत की मिसाल बन सकते हैं। महिला सशक्तिकरण, स्थानीय रोजगार और पर्यटन विकास से माणा गांव आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गया है। Outbound Link

👉 Official Uttarakhand Portal: https://uk.gov.in

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