गौचर में दिव्यांग सहायता शिविर, 90 लोगों को मिले कृत्रिम अंग,
गौचर में राज्य स्तरीय दिव्यांग सहायता शिविर का शुभारंभ, 90 दिव्यांगजनों को मिले कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण
गौचर चमोली : गौचर दिव्यांग सहायता शिविर में जरूरतमंदों के चेहरों पर उस समय उम्मीद और खुशी दिखाई दी, जब उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। जनपद चमोली के गौचर में शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गौचर में दो दिवसीय विशेष वृहद राज्य स्तरीय दिव्यांग सहायता शिविर का शुभारंभ किया गया।
इस शिविर का आयोजन समाज कल्याण विभाग चमोली एवं भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर (राजस्थान) के संयुक्त सहयोग से तथा जिला प्रशासन चमोली के सौजन्य से किया जा रहा है।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
शिविर का मुख्य उद्देश्य उन दिव्यांगजनों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है, जिन्हें आर्थिक, भौगोलिक अथवा अन्य कारणों से कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
पर्वतीय जनपद चमोली में कई दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को आवश्यक सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इस तरह का वृहद शिविर आयोजित होना जरूरतमंद दिव्यांगजनों के लिए राहत और उम्मीद लेकर आया है।
गौचर दिव्यांग सहायता शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें दैनिक जीवन में अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया।
90 दिव्यांगजनों का पंजीकरण, सभी को मिली सहायता
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविर में कुल 90 दिव्यांगजनों का पंजीकरण किया गया। पंजीकरण और आवश्यकता के आकलन के बाद सभी लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
इन उपकरणों से दिव्यांगजनों को दैनिक कार्यों को करने, आवागमन में सुविधा प्राप्त करने तथा अधिक आत्मनिर्भर जीवन जीने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
सहायता प्राप्त करने वाले लोगों और उनके परिजनों के लिए यह शिविर केवल उपकरण वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोग साबित हुआ।
वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष ने किया उद्घाटन
शिविर का उद्घाटन वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री रामचन्द्र गौड़ ने किया।
इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगजनों की सहायता के लिए आयोजित इस पहल को सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि ऐसे सहायता शिविर जरूरतमंद लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का माध्यम बनते हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना रखे।
भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर बनशाली की उपस्थिति एवं सहयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
समिति द्वारा दिव्यांगजनों तक कृत्रिम अंग एवं आवश्यक सहायक उपकरण पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई। सामाजिक सेवा से जुड़े ऐसे प्रयास उन लोगों के लिए विशेष महत्व रखते हैं, जो संसाधनों के अभाव में आवश्यक उपकरण प्राप्त नहीं कर पाते।
गौचर दिव्यांग सहायता शिविर जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और सामाजिक संस्था के संयुक्त प्रयास का एक अच्छा उदाहरण बनकर सामने आया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में सभासद वार्ड नंबर-6 गौचर श्री विपिन रावत, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष श्री नवीन टाकुली, गौचर मंडल महामंत्री श्री ईश्वर नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री धनंजय लिंगवाल, खंड विकास अधिकारी कर्णप्रयाग श्री शिव सिंह भंडारी, सहायक समाज कल्याण अधिकारी देवाल/थराली श्री राजेन्द्र सिंह बिमोली तथा सहायक समाज कल्याण अधिकारी नारायणबगड़ श्रीमती रोशनी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिविर में विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे दिव्यांगजनों के पंजीकरण और सहायता वितरण की प्रक्रिया में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहयोग किया।
कर्णप्रयाग और जोशीमठ के अधिकारी भी पहुंचे
कार्यक्रम में कर्णप्रयाग के सहायक समाज कल्याण अधिकारी श्री द्वारिका तथा जोशीमठ के सहायक समाज कल्याण अधिकारी श्री देवेंद्र पंवार भी उपस्थित रहे।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने तथा लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहाड़ के दिव्यांगजनों के लिए बड़ी राहत
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियां सामान्य जीवन को भी चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। ऐसे में दिव्यांगजनों के सामने आवागमन और दैनिक जरूरतों से जुड़ी चुनौतियां और अधिक बढ़ जाती हैं।
कई जरूरतमंद लोगों के लिए कृत्रिम अंग अथवा सहायक उपकरण केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण सहारा होते हैं।
इसलिए गौचर में आयोजित यह शिविर उन लोगों तक सहायता पहुंचाने का माध्यम बना, जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता थी। दो दिवसीय शिविर के माध्यम से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सहयोग देने के साथ समाज में सेवा, समान अवसर और मानवीय संवेदनाओं का संदेश भी दिया गया।
सामाजिक सरोकारों की एक अच्छी मिसाल
जिला प्रशासन चमोली, समाज कल्याण विभाग तथा भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर के संयुक्त प्रयासों से आयोजित यह शिविर सामाजिक सरोकारों की एक सकारात्मक मिसाल है।
आयोजकों का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन आवश्यक सुविधाओं और सहायता से वंचित न रहे। स्थानीय स्तर पर आयोजित ऐसे शिविर दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सरकारी एवं सामाजिक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गौचर दिव्यांग सहायता शिविर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब प्रशासन, विभाग और सामाजिक संस्थाएं मिलकर जरूरतमंद लोगों के लिए कार्य करती हैं, तो सहायता केवल एक कार्यक्रम नहीं रहती, बल्कि किसी व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का कारण बन सकती है।
गौचर दिव्यांग सहायता शिविर की मुख्य बातें-
- 31 अक्टूबर 2026 से दो दिवसीय विशेष शिविर
- स्थान: राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज, गौचर
- कुल 90 दिव्यांगजनों का पंजीकरण
- लाभार्थियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित
- समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति का संयुक्त प्रयास
- दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
संपादक : गोविन्द सिंह बिष्ट
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