चमोली 20 सूत्री समीक्षा: डीएम ने दिए सख्त निर्देश
चमोली 20 सूत्री समीक्षा के तहत गौरव कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। चमोली में हुई इस बैठक में 20 सूत्री और 25 सूत्री योजनाओं की प्रगति का गहन विश्लेषण किया गया।
Meanwhile, जिलाधिकारी ने सभी विभागों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
योजनाओं की प्रगति की समीक्षा (चमोली 20 सूत्री समीक्षा)
बैठक में विभागवार प्रगति का विस्तार से आकलन किया गया।
In addition, अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया।
Also, जिलाधिकारी ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
स्वास्थ्य और बाल विकास पर चिंता
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग की रैंकिंग पर चिंता जताई।
Therefore, संबंधित अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए गए।
Meanwhile, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण पर जोर
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
In addition, फील्ड स्तर पर निरीक्षण बढ़ाने को कहा गया।
Also, बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों को प्रोत्साहित करने की बात कही गई।
जिला योजना में गुणवत्ता पर फोकस
जिला योजना के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई।
Therefore, जिलाधिकारी ने गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
साथ ही, दीर्घकालिक लाभ देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहा गया।
रैंकिंग रिपोर्ट पेश
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी ने जानकारी दी कि:
✔ 34 कार्यक्रमों में ‘A’ रैंकिंग
✔ 3 कार्यक्रमों में ‘B’ रैंकिंग
However, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में रैंकिंग कमजोर रही।
Therefore, लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने और जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में रहे उपस्थित
इस अवसर पर अभिषेक त्रिपाठी,
आनंद सिंह भाकुनी,
अभिमन्यु और
सर्वेश दुबे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
Also, अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।

जनहित सर्वोपरि
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं का उद्देश्य जनहित है।
Therefore, सभी विभाग मिलकर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें।
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