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गौचर मेला 2026: समितियों में बदलाव, 14 नवंबर से आयोजन,

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गौचर मेले की समितियों में संशोधन, नए नाम शामिल; विधायक अनिल नौटियाल ने काम पर दिया जोर

गौचर, चमोली | 13 अक्टूबर 2026 | बुरांश टाइम्स न्यूज़

गौचर मेला 2026 :14 नवंबर से शुरू होगा गौचर औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेला, स्थानीय कलाकारों को मंच देने, पत्रकारों के सम्मान और यातायात व्यवस्था को लेकर बैठक में उठे अहम मुद्दे।

गौचर। आगामी 14 नवंबर से आयोजित होने वाले गौचर औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को आयोजित मेले की दूसरी बैठक में मेला संचालन के लिए गठित विभिन्न समितियों में संशोधन किया गया और नए नाम शामिल किए गए। बैठक में मेले को बेहतर, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे।

उप जिलाधिकारी एवं मेला अधिकारी अलकेश नौडियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विधायक अनिल नौटियाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने, पत्रकारों के सम्मान, स्कूली प्रतियोगिताओं, यातायात व्यवस्था और समिति संचालन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

विधायक अनिल नौटियाल बोले—नामों से ज्यादा जरूरी काम

बैठक में विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि मेला समितियों में नाम जोड़ने से अधिक जरूरी उनके माध्यम से होने वाले कार्यों पर ध्यान देना है। सभी समितियों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा, तभी मेले को नई पहचान और भव्यता दी जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि गौचर मेले का आयोजन आसान कार्य नहीं है। इसे सफल और वैभवशाली बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मेले के दौरान पहाड़ की प्रतिभाओं को पर्याप्त मंच मिलना चाहिए, ताकि स्थानीय कलाकारों को अपनी कला और संस्कृति प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।

मेले की समितियों में संशोधन, अर्जुन नेगी का नाम शामिल

बैठक में मेला संचालन के लिए गठित विभिन्न समितियों में आवश्यक संशोधन किए गए और नए नाम शामिल किए गए।

लोक कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार ने मेला मंच के संचालन से संबंधित समिति में अर्जुन नेगी का नाम जोड़ने का सुझाव दिया। बैठक में उपस्थित लोगों की सहमति से अर्जुन नेगी का नाम शामिल कर लिया गया।

मेला अधिकारी अलकेश नौडियाल ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेले के सफल आयोजन में विभिन्न समितियों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। समितियों को आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।

सांस्कृतिक संध्याओं में चमोली के कलाकारों को मिले अवसर

नगर पालिका गौचर के अध्यक्ष संदीप नेगी ने मांग उठाई कि मेले के दौरान आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में कम से कम दो दिन जनपद चमोली के स्थानीय कलाकारों को समर्पित किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों को मंच मिलने से उनकी प्रतिभा को पहचान मिलेगी और क्षेत्र की लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। गौचर मेला केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रतिभाओं को सामने लाने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

बैठक में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी बढ़ाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।

पत्रकारों के सम्मान और शिक्षाप्रद कार्यक्रमों पर उठे सवाल

बैठक में पत्रकार लक्ष्मी कुमेड़ी ने मेले में आयोजित होने वाले शिक्षाप्रद कार्यक्रमों की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मेले के दौरान कौन-कौन से जनजागरूकता और शिक्षाप्रद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों का सम्मान बंद कमरे में करने के बजाय मेला मंच पर किया जाना चाहिए, ताकि पत्रकारिता के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिल सके।

उनके सुझाव ने मेले के कार्यक्रमों में पारदर्शिता, जनभागीदारी और पत्रकारों के सम्मान को लेकर चर्चा को महत्वपूर्ण दिशा दी।

रेलवे निर्माण में लगे ट्रकों के संचालन पर प्रतिबंध की मांग

बैठक में यातायात व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। हरीश नयाल ने मेले के दौरान रेलवे निर्माण कार्य में लगे ट्रकों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के आवागमन से जाम की समस्या बढ़ सकती है। मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था पहले से मजबूत की जानी चाहिए, ताकि लोगों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो।

मेले के दौरान यातायात का सुचारु संचालन स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और बाहर से आने वाले आगंतुकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

स्कूली प्रतियोगिताओं में बाहरी निर्णायक नियुक्त करने का सुझाव

शिवचरण बिष्ट ने स्कूली छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक एवं प्रतियोगितात्मक गतिविधियों में निर्णायकों की नियुक्ति को लेकर सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं में गौचर से बाहर के निर्णायकों को बुलाया जाना चाहिए।

उनका मानना था कि बाहरी निर्णायकों की भागीदारी से प्रतियोगिताओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। स्कूली बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे और प्रतियोगिताओं के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा।

प्रशासन ने दिया सुझावों पर अमल का भरोसा

मेला अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी अलकेश नौडियाल ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर अमल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिए समितियों की सक्रिय भागीदारी और सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

गौचर मेला क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक आयोजन है। ऐसे में इसकी तैयारियों के दौरान व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना, स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देना और आगंतुकों की सुविधा सुनिश्चित करना प्राथमिकता में रहना चाहिए।

बैठक में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में नगर पालिका कर्णप्रयाग के अध्यक्ष गणेश शाह, जिला पंचायत सदस्य रेखा बिष्ट, व्यापार संघ गौचर के अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, कर्णप्रयाग के वीरेंद्र मिंगवाल, ब्लॉक प्रमुख दीपिका मैखुरी, राजेंद्र सिंह नेगी, अनूप नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र राणा, थाना प्रभारी कर्णप्रयाग विनोद थपलियाल और गौचर चौकी प्रभारी मानवेन्द्र गुसाईं उपस्थित रहे।

इसके अलावा कर्णप्रयाग नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी नरेंद्र रावत, तहसीलदार सुधा डोभाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विनीता भट्ट, नाइजर मुकेश कुमार, प्रेस क्लब गौचर के अध्यक्ष खुशाल सिंह असवाल, भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष दिगपाल गुसाईं तथा सचिव एवं प्रेस क्लब गौचर के महामंत्री गोविन्द सिंह बिष्ट सहित अनेक लोग बैठक में शामिल हुए।

बैठक का संचालन हर्षवर्धन थपलियाल ने किया।

14 नवंबर से शुरू होगा गौचर मेला, तैयारियों पर टिकी नजर

गौचर औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले को लेकर आयोजित इस बैठक में समिति संशोधन से लेकर स्थानीय कलाकारों, पत्रकारों, स्कूली प्रतियोगिताओं और यातायात व्यवस्था तक कई अहम मुद्दे सामने आए।

अब मेले की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बैठक में मिले सुझावों को किस तरह धरातल पर उतारा जाता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता, स्थानीय प्रतिभाओं की भागीदारी और व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिलेगा।

गौचर मेले की भव्यता केवल आयोजन से नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, जनभागीदारी और बेहतर व्यवस्थाओं से बढ़ेगी।

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संपादक: गोविन्द बिष्ट बुरांश टाइम्स न्यूज़, गौचर, चमोली-Home

गौचर मेला 2026-https://www.gauchermela.in/

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