दक्षता आधारित आकलन परीक्षा का द्वितीय चरण बोरागाड़ में आयोजित,
अभिभावकों और शिक्षकों की मौजूदगी में हुई परीक्षा, विद्यार्थियों की वास्तविक अधिगम स्थिति पर हुआ मंथन
बोरागाड़, चमोली। राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज बोरागाड़ में कक्षा 8 के विद्यार्थियों की दक्षता आधारित आकलन परीक्षा के द्वितीय चरण का आयोजन किया गया। परीक्षा का आयोजन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कमल भण्डारी, पीटीए अध्यक्ष हीरा कोटेडी, विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उनकी वास्तविक अधिगम स्थिति और पढ़ाई में सामने आ रही कमजोरियों को लेकर अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच चर्चा और विचार-विमर्श भी किया गया।
विद्यार्थियों की वास्तविक अधिगम स्थिति जानना परीक्षा का उद्देश्य
विद्यालय में आयोजित दक्षता आधारित आकलन परीक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम तैयार करना नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक सीखने की स्थिति का आकलन करना रहा। परीक्षा के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया गया कि विद्यार्थी विषयों को किस स्तर तक समझ पा रहे हैं और किन विषयों में उन्हें अतिरिक्त सहयोग एवं अभ्यास की आवश्यकता है।
परीक्षा के बाद विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों के बीच बच्चों की शैक्षणिक स्थिति को लेकर चर्चा की गई। कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को और बेहतर बनाने, उन्हें अतिरिक्त अभ्यास कराने तथा उनकी कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया गया।
अभिभावकों की मौजूदगी में कराई गई परीक्षा
इस परीक्षा को अभिभावकों की उपस्थिति में आयोजित कराने का निर्णय मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री आकाश सारस्वत की पहल के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना तथा विद्यार्थी बिना किसी अनुचित साधन के अपनी वास्तविक क्षमता के आधार पर परीक्षा दें, यह सुनिश्चित करना है।
अभिभावकों की मौजूदगी में परीक्षा आयोजित होने से उन्हें भी अपने बच्चों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति को समझने का अवसर मिला। इसके साथ ही शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों की शिक्षा में सुधार के लिए आगे की रणनीति पर विचार कर सके।
48 अंकों की थी परीक्षा
कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित परीक्षा में हिंदी, सामाजिक विज्ञान, गणित और विज्ञान विषय शामिल रहे। प्रत्येक विषय के लिए 12-12 अंक निर्धारित किए गए थे और परीक्षा कुल 48 अंकों की थी।
परीक्षा परिणाम में अक्षित और युवराज ने 31-31 अंक प्राप्त कर समान रूप से बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं पल्लवी ने 30 अंक और अंजलि ने 28 अंक प्राप्त किए। अन्य विद्यार्थियों का प्रदर्शन औसत रहा।
हिंदी में प्रदर्शन अच्छा, गणित और अंग्रेजी में सुधार की जरूरत
परीक्षा के मूल्यांकन के दौरान हिंदी विषय में विद्यार्थियों का परिणाम अच्छा रहा। सामाजिक विज्ञान में विद्यार्थियों का प्रदर्शन औसत रहा, जबकि गणित और अंग्रेजी में विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर करने की आवश्यकता सामने आई।
शिक्षकों और अभिभावकों के बीच हुई चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि जिन विषयों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है, उनमें अतिरिक्त अभ्यास और नियमित मार्गदर्शन दिया जाए। विद्यार्थियों की कमजोरियों को पहचानकर उनके अनुसार शिक्षण पद्धति में आवश्यक सुधार करने पर भी विचार किया गया।

विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने पर हुआ विचार-विमर्श
परीक्षा के बाद आयोजित चर्चा में शिक्षकों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। शिक्षकों ने कहा कि केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में विषय की समझ, तर्क क्षमता और सीखने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
अभिभावकों से भी बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और घर पर अध्ययन के लिए उचित वातावरण उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई। विद्यालय स्तर पर भी कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग देने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
शिक्षक और अभिभावक मिलकर करेंगे प्रयास
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम से यह संदेश सामने आया कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति में शिक्षक और अभिभावक दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। समय-समय पर इस प्रकार के आकलन से विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति सामने आती है और उसी के आधार पर शिक्षण में सुधार किया जा सकता है।
इस अवसर पर परीक्षा प्रभारी श्रीमती भारती टम्टा, सहायक अध्यापक अंग्रेजी लक्ष्मण तोमकियाल, प्रवक्ता रसायन विज्ञान श्री आशीष कुमार, मीना देवी, तुलसी देवी, नीमा देवी, लक्ष्मी देवी, आनंदी देवी, पुष्पा देवी, बाली राम सहित अन्य शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
विद्यालय परिवार का प्रयास है कि विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाया जाए और जिन बच्चों को किसी विषय में कठिनाई आ रही है, उन्हें समय रहते आवश्यक सहयोग दिया जाए। दक्षता आधारित आकलन परीक्षा इसी दिशा में विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति समझने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया के रूप में सामने आई।
बुरांश टाइम्स न्यूज़
रिपोर्ट: कलम भंडारी
स्थान: बोरागाड़, चमोली
प्रकाशन: Buransh Times News–उत्तराखण्ड समाचार

